From cash to property: 5 PAN rule changes in draft Income-tax Rules 2026

मसौदा आयकर नियम, 2026 – PAN उद्धरण (Quoting) से संबंधित प्रस्तावित प्रावधान

मसौदा आयकर नियम, 2026 के तहत विभिन्न वित्तीय लेन-देन में पैन (Permanent Account Number – PAN) अनिवार्य करने की सीमा (थ्रेशोल्ड) को बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसमें नकद जमा और निकासी, मोटर वाहन खरीद, संपत्ति लेन-देन, होटल एवं कार्यक्रम भुगतान और बीमा खातों से जुड़े नियम शामिल हैं।


1️⃣ नकद जमा एवं निकासी

वर्तमान नियम:
एक दिन में ₹50,000 से अधिक नकद जमा पर पैन आवश्यक है।

प्रस्तावित नियम:
एक या अधिक बैंक खातों में एक वित्तीय वर्ष के दौरान कुल ₹10 लाख या उससे अधिक नकद जमा या निकासी पर पैन अनिवार्य होगा।

परिवर्तन:

  • सीमा में बड़ा इज़ाफा
  • अब निकासी भी शामिल
  • दैनिक सीमा की जगह वार्षिक कुल राशि को आधार बनाया गया

2️⃣ मोटर वाहन खरीद (दोपहिया सहित)

वर्तमान नियम:
सभी मोटर वाहनों की खरीद पर पैन अनिवार्य (दोपहिया वाहन को छोड़कर)।

प्रस्तावित नियम:
₹5 लाख से अधिक कीमत वाले मोटर वाहन (दोपहिया सहित) की खरीद पर ही पैन आवश्यक होगा।

परिवर्तन:

  • मूल्य आधारित सीमा तय
  • दोपहिया वाहन शामिल, लेकिन केवल ₹5 लाख से ऊपर

3️⃣ होटल, रेस्टोरेंट एवं कार्यक्रम संबंधी भुगतान

वर्तमान नियम:
₹50,000 से अधिक भुगतान पर पैन आवश्यक।

प्रस्तावित नियम:
₹1 लाख से अधिक भुगतान पर ही पैन अनिवार्य।

परिवर्तन:

  • सीमा दोगुनी
  • विवाह, सम्मेलन और अन्य आयोजनों में राहत

4️⃣ अचल संपत्ति (प्रॉपर्टी) लेन-देन

वर्तमान नियम:
₹10 लाख से अधिक के लेन-देन पर पैन आवश्यक।

प्रस्तावित नियम:
₹20 लाख से अधिक मूल्य के लेन-देन पर पैन अनिवार्य।

परिवर्तन:

  • सीमा दोगुनी
  • खरीद, बिक्री, उपहार और संयुक्त विकास समझौते शामिल

5️⃣ बीमा खाते

वर्तमान नियम:
एक वित्तीय वर्ष में ₹50,000 से अधिक जीवन बीमा प्रीमियम पर पैन आवश्यक।

प्रस्तावित नियम:
किसी भी बीमा कंपनी के साथ खाता आधारित संबंध शुरू करने पर पैन अनिवार्य।

परिवर्तन:

  • खाता खोलते समय ही पैन आवश्यक
  • KYC प्रक्रिया के अनुरूप व्यवस्था

इन बदलावों का महत्व

✅ अनुपालन में राहत

उच्च सीमा के कारण छोटे और नियमित लेन-देन में पैन की आवश्यकता कम होगी।

✅ आधुनिकीकरण

नई सीमाएँ वर्तमान मूल्य स्तर और आर्थिक गतिविधियों के अनुरूप हैं।

✅ निगरानी बनी रहेगी

उच्च मूल्य और बड़ी राशि के लेन-देन पर पैन अनिवार्य रहेगा, जिससे कर विभाग को निगरानी में सुविधा होगी।

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